
मरहूम अज़हर अस्करी “खुर्रम” की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन
उन्नाव।
आज चौधराना, उन्नाव स्थित इमामबाड़ा चौधरी सैयद कासिम हुसैन ज़ैदी में मरहूम अज़हर अस्करी “खुर्रम” की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ।
सभा को संबोधित करते हुए विश्वविख्यात धर्मगुरु मौलाना सैयद क़मर सुल्तान क़िबला ने कहा कि क़ुरान की तालीम यही है कि हक़ हमेशा ग़ालिब रहता है। उन्होंने कहा कि ज़ुल्म ज्यादा दिन तक नहीं टिकता और इसका सबसे बड़ा उदाहरण आज का ईरान है। अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच हुए संघर्ष में दुनिया की महाशक्ति अमेरिका को भी इसका अहसास हुआ।
मौलाना ने नौजवान खुर्रम के असमय निधन पर गहरा शोक जताया और इसकी तुलना कर्बला के मैदान से की, जहां इमाम हुसैन ने इस्लामी मूल्यों और तालीम को बचाने के लिए अपने पूरे परिवार की कुर्बानी दे दी थी।
श्रद्धांजलि सभा में पूर्व कैबिनेट मंत्री अम्मार रिज़वी, जस्टिस नाज़िम हुसैन ज़ैदी, ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. मिर्ज़ा, उन्नाव बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सतीश शुक्ला, लोकतांत्रिक जनता दल के जिला अध्यक्ष सुरेश कुमार वाजपेयी, अमीर रज़ा, अस्करी रज़ा समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
दिन में बाद में श्रीमती अनु टंडन ने भी शोकाकुल परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
शोकसभा का आयोजन लोकतांत्रिक जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जावेद रज़ा एवं एडवोकेट,सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया




















