
गुरु दीक्षा के बगैर मानव का भव सागर पार करना संभव नहीं
नगर के स्टेशन रोड तिराहा स्थित सुरेंद्र प्रधान के हाता में आयोजित श्री राम कथा के द्वितीय दिवस आज बुधवार को मानस मर्मज्ञ ओम जी मिश्रा ने गुरु की महिमा का बखान किया। उन्होंने कहा कि गुरु की दीक्षा के बगैर मानव का भवसागर पार कर पाना संभव नहीं है।
आचार्य ओम जी मिश्रा द्वारा राम कथा प्रारम्भ करने के पूर्व आधुनिक वाद्ययंत्रों के सुर संगम के बीच अपनी मधुर और रसीली वाणी से मंगलाचरण प्रस्तुत करते ही श्रोता भक्तों की तालियां गूंजने लगी। बाद में आचार्य जी ने श्रोता भक्तों को सदगुरु की महिमा का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर भगवान के रूप में अवतरित हुए राम और कृष्ण भी अपने-अपने सदगुरु के सानिध्य में रहे। गुरु की कृपा से ही उन्होंने लोक कल्याण किया।
आचार्य जी ने सीता माता के वियोग पर भगवान राम द्वारा पशु-पक्षियों और वृक्षों-लताओं से पता पूछने के प्रसंग का अत्यंत मार्मिक चित्रण किया। उन्होंने कहा कि भगवान राम ने मानव जाति को प्रकृति से अत्यधिक प्रेम करने का संदेश दिया। उन्होंने उपस्थित श्रोताओं को उपदेश दिया कि भगवान राम की कथा श्रवण करें और कथा में वर्णित सद चरित्र को अपने जीवन में भी उतारें। कथा समाप्ति पर यजमान अनूप मास्टर ने भगवान राम की आरती कर प्रसाद वितरित किया।




















