
टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में पूर्व नियुक्त शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा एवं विधिक संरक्षण हेतु राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने किया धरना प्रदर्शन
उन्नाव। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, उत्तर प्रदेश (प्राथमिक संवर्ग), जनपद उन्नाव द्वारा माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी एवं माननीय केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान जी को ज्ञापन प्रेषित कर वर्ष 2010 तथा उत्तर प्रदेश में टीईटी लागू होने (27 जुलाई 2011) से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के सेवा-अधिकारों, वरिष्ठता, पदोन्नति, पेंशन एवं अन्य वैधानिक हितों के संरक्षण की मांग की गई।
महासंघ का स्पष्ट मत है कि किसी नवीन पात्रता मानक को पूर्व प्रभाव से लागू किया जाना न्यायसंगत नहीं है। वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के अधिकारों एवं भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा स्पष्ट नीतिगत एवं विधिक संरक्षण प्रदान किया जाना आवश्यक है।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उन्नाव के अध्यक्ष भरत चित्रांशी व महामंत्री संकल्प मिश्रा के नेतृत्व में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने जिला अधिकारी महोदय के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा ।
आंदोलन को सफल बनाने के लिए जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष धर्मेश श्रीवास्तव, जिला जिला कोषाध्यक्ष सोनू, जिला संगठन मंत्री कपिल त्रिवेदी, अभिलाष त्रिपाठी, विक्रम सिंह, निखिल, आशुतोष, आशीष, अनिलेश, अजय, ए.पी. सिंह, राम मोहन, राजीव, कविता, विनीता, श्वेता, अंकित तिवारी एवं आकाश अवस्थी सहित जनपद के सभी पदाधिकारियों ने अधिक से अधिक संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं से प्रदर्शन में प्रतिभाग किया।



















