
पुरुषोत्तमी मास की सोमवती अमावस्या को स्नान दान करने से मनुष्य को होती मनोवांछित फल की प्राप्ति

बांगरमऊ उन्नाव
श्राद्धादौ पुरुषोत्तमी सोमवती अमावस्या का महा पर्व दिनांक 15 जून को सुबह 9/46 बजे तक काशी विश्व पंचांग के मतानुसार अमावस्या का मान उदया तिथि में दिन भर रहेगा। इस दिन स्नान, व्रत पूजन ,दान के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है।
आचार्य ऋषि कान्त मिश्र “शास्त्री ” ऊगू निवासी ने बताया कि सोमवती अमावस्या में स्नान, दान ,जप ,पूजन पुण्य काल में करना चाहिए। पीपल पूजन व भगवान शिव, विष्णु का स्मरण करने मात्र से जीवन में सुख समृद्धि आती है । आज ही के दिन सभी सनातनी धर्मावलंबी महिलाएं पीपल वृक्ष पर दूध ,गंगाजल ,पुष्प ,अक्षत ,रोली, सिन्दूर ,चन्दन तथा सौभाग्य सामग्री इत्यादि से पूजन कर 108 परिक्रमा करें तथा पीला धागा लपेटते समय मन में “ऊं विष्णवे नमः” मंत्र का मानसिक जप करते हुए परिक्रमा करने से अखंड सुख ,सौभाग्य ,संतान सुख ,समृद्धि की प्राप्ति होती है । इसमें किये जाने वाले दान से सूर्य ग्रहण काल के समान शुभ पुण्य फल की प्राप्ति होती है ।मलमास पूरी तरह धार्मिक कार्यो एवं भगवान की कथा श्रवण तथा पुण्य कार्यों के लिए सुरक्षित एवं आरक्षित हैं

जगह जगह हो रहे धार्मिक कार्यक्रम अब 15 जून सोमवती अमावस्या पर समाप्त हो रहें हैं । साथ ही पूरी तरह से मलमास समाप्त हो जायेगा । 16 जून से मांगलिक वैवाहिक कार्यक्रम शुरू हो जायेंगे। एवं महाराणा प्रताप की जयंती 17 जून को राजस्थान में बहुत ही धूमधाम से मनाई जाएगी। सूर्य की मिथुन संक्रांति रात्रि 7/56 बजे से लग जायेगी । इस पक्ष में पड़ने वाले तीनो सोमवार भविष्य में शुभ फल कारक है, तथा मानसून जैसा माहौल बनेगा । मानसून से पहले ही वर्षा होने के योग प्राप्त हो रहें हैं । जिससे पड़ रही भीषण के गर्मी से राहत मिलेगी।



















