
रोगों से बचाव के लिए वैक्सीनेशन की सलाह में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं फार्मेसिस्ट :सुनील यादव*
- _____________________👉 *देश भर में मनाया राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह*

*लखनऊ*। उत्तर प्रदेश सहित देशभर में राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह उत्साहपूर्वक मनाया गया। फार्मासिस्ट फेडरेशन द्वारा प्रदेश के सभी फार्मासिस्टों से इस सप्ताह के दौरान विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की अपील की गई थी। जो अत्यंत महत्वपूर्ण एवं प्रासंगिक है क्योंकि फार्मेसिस्ट स्वास्थ्य प्रणाली का वह स्तंभ हैं जो मरीजों के सबसे करीब रहते हैं।फार्मेसिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि “रोगों से बचाव के लिए वैक्सीनेशन की सलाह देकर फार्मेसिस्ट स्वस्थ समाज की रचना में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। जब फार्मेसिस्ट मरीजों को टीकाकरण के महत्व, समय-समय पर लगने वाले टीकों की जानकारी, और वैक्सीन की सुरक्षा के बारे में जागरूक करते हैं, तो लोग उससे प्रभावित होकर अपने बच्चों और परिवार के सदस्यों को समय पर टीकाकरण के लिए प्रेरित होते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि फार्मेसिस्ट, दवाइयों के साथ-साथ इम्युनाइजेशन जागरूकता, मेडिकेशन एडवाइस, और कम्युनिटी हेल्थ सेवाओं में अपनी सक्रिय भूमिका निभाकर सार्वजनिक स्वास्थ्य में बड़ा परिवर्तन ला रहे हैं।
राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह 2025 के दौरान कई विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें शामिल थे—
वैक्सीनेशन जागरूकता कक्षाएं, स्वास्थ्य जांच शिविर, विशेषज्ञों के व्याख्यान, इंटर-कॉलेज प्रतियोगिताएँ, समुदाय-आधारित आउटरीच प्रोग्राम, पोस्टर/निबंध प्रतियोगिताएँ, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में हेल्थ अवेयरनेस ड्राइव।इन कार्यक्रमों का उद्देश्य आम जनता में टीकाकरण की आवश्यकता, रोग-प्रतिरोधक क्षमता, तथा फार्मेसिस्ट की भूमिका को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करना था।
इस अभियान में देशभर के कई फार्मेसी कॉलेजों, अस्पतालों, संस्थानों और संगठनों—की सक्रिय भागीदारी रही।
राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह का मूल उद्देश्य समाज में फार्मेसिस्ट की भूमिका को मजबूत करना और यह दिखाना है कि फार्मेसिस्ट न केवल दवा वितरण तक सीमित हैं, बल्कि वे रोग-निवारण, मेडिकेशन सेफ्टी, और सार्वजनिक स्वास्थ्य संरक्षण के प्रमुख वाहक भी हैं।
इस अवसर पर फार्मासिस्ट फेडरेशन ने सभी फार्मेसिस्टों से अपील की कि वे आगे भी समुदाय में जागरूकता बढ़ाने, टीकाकरण प्रोत्साहन, और मरीज शिक्षा की दिशा में अपना अमूल्य योगदान देते रहें, ताकि “स्वस्थ भारत – विकसित भारत” के लक्ष्य को साकार किया जा सके।





















