
एकादशी के पावन अवसर पर सेवा का अनुपम उदाहरण: महिलाओं को फल एवं खजूर वितरित

फतेहपुर चौरासी/उन्नाव।
चैत्र शुक्ल पक्ष की एकादशी, शनिवार एवं शुभ पुष्य नक्षत्र के पावन अवसर पर क्षेत्र में आस्था, सेवा और धर्म का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस विशेष दिन पर आरपीएस समाचार के संपादक एवं क्षेत्र के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य रघुनाथ प्रसाद शास्त्री द्वारा अपने निज निवास स्थान दोस्तपुर, शिवली (फतेहपुर चौरासी, उन्नाव) में महिलाओं को फल एवं खजूर वितरित किए गए।
सुबह से ही कार्यक्रम स्थल पर महिलाओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। श्रद्धालु महिलाएं पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इस पुण्य कार्य में शामिल हुईं। विधिवत पूजन-अर्चन के उपरांत प्रसाद वितरण कार्यक्रम प्रारंभ हुआ, जिसमें महिलाओं को फल एवं खजूर वितरित किए गए। इस दौरान पूरे वातावरण में भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार देखने को मिला।

ज्योतिषाचार्य रघुनाथ प्रसाद शास्त्री ने इस अवसर पर बताया कि एकादशी व्रत और दान-पुण्य का विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन किए गए दान से कई गुना पुण्य की प्राप्ति होती है और व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि आती है। उन्होंने कहा कि समाज के जरूरतमंद वर्ग की सहायता करना ही सच्ची सेवा है और ऐसे कार्यों से समाज में प्रेम, सहयोग और सद्भाव की भावना मजबूत होती है।

उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में जहां लोग अपने व्यक्तिगत जीवन में व्यस्त रहते हैं, वहीं इस प्रकार के सामाजिक और धार्मिक कार्य समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। यह न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करता है, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे का संदेश भी देता है।

कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने इस सराहनीय पहल के लिए आयोजक का आभार व्यक्त किया और उनके उज्ज्वल भविष्य एवं निरंतर समाज सेवा के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। कई महिलाओं ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और दूसरों को भी सेवा कार्यों के लिए प्रेरित करते हैं।
पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन एवं व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया। अंत में सभी को प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

चैत्र शुक्ल एकादशी एवं पुष्य नक्षत्र पर हुआ आयोजन
महिलाओं को वितरित किए गए फल एवं खजूर
ज्योतिषाचार्य रघुनाथ प्रसाद शास्त्री द्वारा किया गया आयोजन
समाज सेवा, धर्म और एकता का दिया गया संदेश
बड़ी संख्या में महिलाओं की रही सहभागिता
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि समाज सेवा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण भी बनकर सामने आया।
रिपोर्ट ललित सिंह



















