
साल का पहला सूर्य ग्रहण आज, जानें भारत में सूतक काल लगेगा या नहीं

रिपोर्ट: प्रधान संपादक रघुनाथ प्रसाद शास्त्री
आज 17 फरवरी को वर्ष 2026 का पहला सूर्य ग्रहण लग रहा है। यह एक वलयाकार (कंकण) सूर्य ग्रहण है, जिसमें सूर्य के मध्य भाग को चंद्रमा ढक लेता है और किनारों पर चमकदार प्रकाश का छल्ला दिखाई देता है। इसी कारण वैज्ञानिक इसे “रिंग ऑफ फायर” कहते हैं।
ग्रहण का समय
प्रारंभ: दोपहर 3 बजकर 26 मिनट
समाप्ति: शाम 7 बजकर 57 मिनट
कुल अवधि: 4 घंटे 31 मिनट
खगोलविदों के अनुसार इस ग्रहण में चंद्रमा सूर्य के लगभग 96 प्रतिशत हिस्से को ढक लेगा।

क्या भारत में दिखाई देगा सूर्य ग्रहण?
नहीं। यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।
चूंकि ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा, इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक तभी प्रभावी माना जाता है जब ग्रहण संबंधित स्थान पर दिखाई दे।
किस राशि और नक्षत्र में लग रहा है ग्रहण?
यह सूर्य ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में लग रहा है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह ग्रहण कुछ राशियों पर विशेष प्रभाव डाल सकता है।
सूर्य ग्रहण 2026: राशियों पर प्रभाव
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य रघुनाथ प्रसाद शास्त्री जी के अनुसार, इस ग्रहण के प्रभाव से अगले एक माह तक कुछ राशियों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी:
सिंह राशि – कार्यक्षेत्र में तनाव और निर्णय सोच-समझकर लें।
कन्या राशि – स्वास्थ्य और पारिवारिक मामलों में सतर्क रहें।
वृश्चिक राशि – आर्थिक लेन-देन में सावधानी बरतें।
कुंभ राशि – मानसिक अस्थिरता से बचें, धैर्य बनाए रखें।
मीन राशि – अनावश्यक विवादों से दूर रहें।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण
वलयाकार सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी से थोड़ी अधिक दूरी पर होता है और वह सूर्य को पूर्ण रूप से नहीं ढक पाता। परिणामस्वरूप सूर्य का बाहरी भाग एक अग्नि-छल्ले जैसा दिखाई देता है। यह दृश्य अत्यंत आकर्षक होता है, लेकिन इसे बिना सुरक्षित उपकरणों के देखना हानिकारक हो सकता है।
निष्कर्ष
साल का पहला सूर्य ग्रहण आज दोपहर से शाम तक रहेगा, लेकिन भारत में दृश्य न होने के कारण सूतक काल प्रभावी नहीं होगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कुछ राशियों को आगामी समय में संयम और सावधानी रखने की सलाह दी गई है।


















