
एक सफेद बौना तारा निगल रहा है अपने मृत ग्रह के अवशेष: हमारे सौर मंडल के भविष्य की झलक

खगोलविदों ने हवाई में डब्लू. एम. केक वेधशाला से एक सफेद बौना तारे (White Dwarf) को पकड़ा है, जो एक टूटे हुए ग्रह के अवशेषों को खा रहा है। यह घटना हमारे अपने सौर मंडल के भविष्य को दर्शाती है, जब लगभग पाँच अरब वर्षों में हमारा सूरज बूढ़ा होकर पहले फैलेगा और फिर एक सफेद बौना बन जाएगा, इस प्रक्रिया में संभवतः पृथ्वी को निगल जाएगा।
मुख्य निष्कर्ष
खोज का विषय: सफेद बौना तारा LSPM J0207+3331 (पृथ्वी से 145 प्रकाश-वर्ष दूर) अपने ग्रह के नष्ट हो जाने के 30 अरब साल बाद भी उसके टुकड़ों को खा रहा है।
महत्व: यह खोज ग्रहों के विकास की हमारी वर्तमान समझ को चुनौती देती है और हमारे सूरज के भविष्य की एक दुर्लभ झलक प्रदान करती है।
अजीब अवलोकन: यह सफेद बौना तारा ठंडा और हाइड्रोजन से भरा हुआ है, लेकिन इसकी सतह पर 13 भारी तत्व पाए गए हैं। सामान्यतः, हाइड्रोजन से भरे ठंडे सफेद बौने तारों में भारी तत्व जल्दी तारे के अंदर डूब जाते हैं, इसलिए इतने सारे तत्वों की उपस्थिति हैरान करने वाली है।
नष्ट ग्रह की संरचना: वैज्ञानिकों ने निगले गए तत्वों का विश्लेषण करके पता लगाया कि वह ग्रह कम से कम 200 किलोमीटर चौड़ा था। इसमें चट्टानी बाहरी परत और एक धातु का केंद्र था (ठीक पृथ्वी जैसा)। ग्रह के केंद्र का वजन उसके कुल वजन का 55 प्रतिशत था।

नई तकनीक: यह घटना (ग्रह के अवशेषों का तारे की साफ हवा में घुल जाना) खगोलविदों को उन ग्रहों की रासायनिक संरचना का पता लगाने का एक नया और प्रभावी तरीका देती है जिन्हें सीधे देखना मुश्किल है।

यह तारा एक “अंतरिक्षीय नरभक्षी” की तरह काम कर रहा है, जो हमें दिखाता है कि ब्रह्मांड में जीवन चक्र कैसा होता है।
रिपोर्ट RPS समाचार



















