
गंगा की बाढ़ से कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग की 96 फीसदी से ज्यादा सड़क बही, आवागमन रोका
उन्नाव
गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार शाम से मंगलवार छह बजे तक 24 घंटे में जलस्तर नौ सेमी बढ़कर 113.210 मीटर पर पहुंच गया, जो खतरे के निशान से 21 सेमी ऊपर है। इससे कानपुर के शिवराजपुर को उन्नाव-हरदोई रोड से जोड़ने वाले कालीमिट्टी-शिवराजपुर की सड़क कट गई है।

सूचना मिलने पर जिलाधिकारी गौरांग राठी ने एसपी दीपक भूकर सहित सिंचाई व राजस्व अधिकारियों के साथ कटान स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने पीडब्ल्यूडी, सिंचाई व राजस्व विभाग के अधिकारियों को मार्ग कटने से बचाने के हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए। कहा कि बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री के साथ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएं। बताया कि जिले के 130 ग्राम पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हैं। सभी बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान एसडीएम बांगरमऊ नवीन चंद्र भी मौजूद रहे।

डीएम ने बताया कि इस मार्ग को कटान से रोकने के लिए मरम्मत कार्य कराने के लिए 39 लाख रुपये की कार्ययोजना बनी थी। चार जुलाई को बजट की स्वीकृति के लिए शासन को भेजी गई है। बताया कि फिलहाल कटान रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
होती रही कटान, जिम्मेदारों ने सड़क बचाने पर नहीं दिया ध्यान

फतेहपुर चौरासी। कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग पर पिछले करीब दस दिनों से कई स्थानों पर कटान हो रही थी। पीडब्ल्यूडी व अन्य विभाग हिंदूपुर पुलिया और नया बंगला के पास 250 मीटर के दायरे में हो रही कटान को रोकने की कवायद कर रहे थे। लेकिन यहां से करीब एक किलोमीटर दूर सरैंयाघाट पुल के पास 60 मीटर के दायरे में हो रही कटान पर ध्यान नहीं दिया गया। यहां पहले से पड़े बोल्डरों के बगल से कटान शुरू हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि यहां काम करा रहे लोगों को बताया भी गया लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया।

तीन मार्गों पर बह रहा पानी, आवागमन बंद
सफीपुर। परियर-दबौली, सनहा-सफीपुर व मुरादपुर मार्ग पानी से डूब गए हैं। इन रास्तों पर आवागमन बंद हो गया है। जमालनगर, लोनारी, शेरपुर, रामपुर, उडंकपुरवा, करीमाबाद, रूपपुर चंदेला, हमजापुर, नीबीगाड़ा व मनियापुर सहित करीब 50 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। घरों के अंदर पानी भर गया है। पहले तो लोगों ने छतों पर डेरा जमाया लेकिन स्थितियां विकराल होते ही
रामपुर, उडंकपुरवा, इब्राहीमाबाद, हमजापुर, नीबीगाड़ा के लोग सिर पर गृहस्थी रख सुरक्षित स्थानों को पलायन कर गए। लोगों ने गहोली मार्ग किनारे डेरा जमा लिया है। एसडीएम शिवेंद्र वर्मा ने बताया कि टीमें प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की व्यवस्था में जुटी हैं। जमालनगर व रामपुर में नाव के माध्यम से लोगों को कल्याणी नदी के उस पार ले जाया जा रहा है। उधर, परियर घाट बंद हो जाने के बाद नदी से 12 किमी दूर गांव गहोली के पास लोग शवों का अंतिम संस्कार कर रहे हैं।
तीन गांव के बीच महज एक नाव, 40 परिवार बाढ़ में फंसे

परियर में लगातार बढ़ रहे जलस्तर से परियर बिठूर मुख्य मार्ग पानी से डूब गया है। मार्ग पर एक फिट से अधिक पानी भरने से पुलिस ने आवागमन रोक दिया है। इससे इस रास्ते से प्रतिदिन कानपुर, लखनऊ, हरदोई व संडीला जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।देवीपुरवा, ललतुपुरवा, बंदनपुरवा, बेनीपुरवा, टपरा, कोलवा, बाबूबंगला व पनपथा आदि गांव बाढ़ की चपेट में हैं। टपरा, कोलवा व बेनीपुरवा में लोग घरों में फंसे हैं। नाव की व्यवस्था न होने से ग्रामीण समान लेकर गांव से बाहर निकल कर सुरक्षित स्थान पर नहीं जा पा रहे हैं। अजय निषाद, क्रांति गौतम, रामविलास व भरोसे आदि ने फोन पर बताया कि गांव में लगभग 30 से 40 परिवार फंसे हैं। तीन गांव के लिए महज एक नाव लगाई गई है, जो टूटी हुई है। मंगलवार दोपहर बीएसए संगीता सिंह ने जानकी कुंड बाढ़ शिविर पहुंच कर 50 परिवारों को राहत सामग्री वितरित की।
पानी भरने से बंद हुआ ऐरा भदियार बिजली उपकेंद्र

चकलवंशी। ऐरा भदियार बिजली उपकेंद्र में पानी भर गया है। इससे अनिश्चित समय के लिए उपकेंद्र को बंद कर दिया गया है। इससे बेहटा, थाना, चकलवंशी, पावा, सिकंदरपुर, परियर के लगभग दो सौ गांवों की बिजली आपूर्ति बंद हो गई है। अवर अभियंता अशीष गुप्ता ने बताया कि बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा है। एक सप्ताह से यार्ड में पानी भरा है। पंपसेट लगाकर पानी निकालकर अभी तक उपकेंद्र चलाया जा रहा था। अब कंट्रोलरुम तक पानी पहुंच गया है। इसी कारण सुरक्षा की दृष्टि से उपकेंद्र बंद कर दिया गया
पसनियाखेड़ा व सीतारामखेड़ा गांव बने टापू
बीघापुर। गंगा व पांडु नदी के बीच बसे दूलीखेड़ा व लालाखेड़ा गांवों की स्थिति और खराब हो गई है। मैकू तेली मार्ग पर गढ़ेवा व बैदरा के सामने सड़क के ऊपर से पानी बहने लगा है। सिकंदरपुर से लेकर पिपरासर तक पहुंचने वाले लोगों को जान जोखिम में रखकर वाहनों को निकालना पड़ रहा है। जयराजमऊ के पसनियाखेड़ा व सीतारामखेड़ा गांव टापू बन गए हैं। किसी भी तरफ से आवागमन नहीं हो रहा है। लोग नाव का सहारा ले रहे हैं। गांव के उमाशंकर लोधी, आनंद शुक्ला, राममिलन सिंह, प्रदीप शुक्ला, सोनू सैनी, सुधीर सिंह व अनु सिंह ने बताया कि तहसील प्रशासन के दावे केवल खोखले हैं। गिरजा नगर में बना बाढ़ राहत केंद्र सफेद हाथी सिद्ध हो रहा है। दूलीखेड़ा व लालाखेड़ा के मजरों में भी लोगों को दो से तीन फिट पानी मंझाकर आना जाना पड़ रहा है। जानवरों को लोगों ने सड़क के किनारे बांध रखा है।
सिकंदरपुर सरोसी के 15 गांवों के रास्ते पानी से बंद
अचलगंज/चकलवंशी। जलस्तर बढ़ने से पानी छड़ौवाखेड़ा, खन्नापुर, टेढ़वा गांवों की गलियों तक पहुंच गया है।कटरी क्षेत्र के कई गांवों के लोगों को आने जाने की दिक्कत हो रही है। सबसे अधिक समस्या जानवरों के चारे पानी की है। बलाई प्रधान राम सिंह ने बताया कि इसी रफ़्तार से पानी बढ़ता रहा तो एक दो दिन में गांव खाली करना पड़ेगा। उधर, सिकंदरपुर सरोसी के 15 गांव के मार्ग बंद हो गए हैं। करीमाबाद, चंदनखेड़ा, मोहद्दीनपुर, कोटरहिया, अतरी, बंधवा, सुब्बाखेड़ा, भागूखेड़ा, अमलोना, गिरवरखेड़ा, आंट, घुसौली, सिहुरा, प्यारेपुर आदि में पानी भर गया है। गांवों तक पहुंचने वाले भूमेश्वर-सरोसी मुख्य मार्ग पर करीमाबाद के पास पानी बह रहा है। यही स्थिति भईदाबाबा-भदेवना संपर्क मार्ग पर जगदीशपुर, जंगेनगर-पावा मार्ग पर भागूखेड़ा और परमनी जाने वाले संपर्क मार्ग पर गिरवरखेड़ा के पास का है। गांव के राकेश, लवकुश, विनय कुमार, बबलू, बाबूलाल, संदीप, बेचेलाल आदि ने बताया कि गांव के सभी रास्ते बंद होते जा रहे हैं।
शहर तक पहुंचने के लिए बीस किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। उधर, बाढ़ के पानी की तबाही से बचने के लिए भदेवना की ग्राम प्रधान शांती देवी के पति नंदकिशोर ने ग्रामीणों की मदद से आंट घुसौली-बरकोता संपर्क मार्ग पर पंडितखेड़ा के सामने बने बांध को मिट्टी से बंधवाया। स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्राम पंचायत सथरा के मजरा मोहद्दीनपुर में जाकर 120 मरीजों को दवा वितरित की
महिला क्रिकेटर का घर भी बाढ़ की चपेट में
गंजमुरादाबाद। महिला अंडर-19 क्रिकेट टीम की सदस्य अर्चना निषाद का रतईपुरवा स्थित घर भी बाढ़ की चपेट में आ गया है। इससे घर में मौजूद वृद्ध मां सावित्री देवी और बड़े भाई रोहित निषाद की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। यहां का जूनियर स्कूल बाढ़ का पानी चार फिट तक भर जाने से बंद हो गया है। तीन दिनों से बिजली भी कटी हुई है। भिखारीपुर पतसिया के मजरा भुड्डा, कुंशी, मितानपुरवा, बगिया, गहरपुरवा, सिरधरपुर, गुल्हरिया, सहिबापुर, भगवंतपुरवा, मुन्नीपुरवा सहित 12 गांव बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं। मुन्नीपुरवा का प्राथमिक विद्यालय परिसर में भी पानी भर जाने से यहां के बच्चों को एक प्राइवेट मकान के बरामदे में पढ़ाए जा रहे हैं। कई गांवों में नल पानी में डूब जाने से ग्रामीणों के सामने पेयजल संकट खड़ा हो गया है। विधायक श्रीकांत कटियार ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में खाने पीने की व्यवस्था कराई जा रही है।
रिपोर्ट RPS समाचार



















