
उन्नाव में गंगा का पानी लगातार बढ़ा
शहर और ग्रामीण इलाकों में बाढ़, हजारों घर जलमग्न, तीन दर्जन नाव राहत कार्य में जुटीं

उन्नाव। गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ते हुए सोमवार सुबह 113.130 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान (113 मीटर) से 13 सेंटीमीटर ऊपर है। जलस्तर में बढ़ोतरी से शहर और गांवों में हजारों घर जलमग्न हो गए हैं। कई मकान एक मंजिल तक डूब चुके हैं और लोग छतों पर शरण लेकर दिन-रात गुजारने को मजबूर हैं।
शहर और गांवों की स्थिति
शहरी इलाकों सैय्यद कंपाउंड, तेजी पुरवा, चंपापुरवा समेत कई मोहल्लों में कमर तक पानी भर गया।
ग्रामीण क्षेत्रों पीपरखेड़ा, गजिया खेड़ा, फत्तेखेड़ा सहित कई गांवों में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया।
सड़कों पर तेज बहाव के कारण शहर से संपर्क टूट गया है।
राहत और बचाव कार्य
जिला प्रशासन ने राहत व बचाव कार्य के लिए 33 नावें तैनात की हैं। इनके जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाने के साथ-साथ खाद्यान्न, पीने का पानी और दवाइयां पहुंचाई जा रही हैं।
हालांकि प्रभावित परिवारों की बड़ी संख्या को देखते हुए यह नावें अपर्याप्त साबित हो रही हैं। लोग प्रशासन से नावों की संख्या और राहत शिविरों में बढ़ोत्तरी की मांग कर रहे हैं।
बिजली और संचार व्यवस्था ठप
बाढ़ का असर बिजली आपूर्ति पर भी दिखाई देने लगा है। त्रिभुवन खेड़ा पावर हाउस तक पानी पहुंचने से कई इलाकों की बिजली कट गई है।
फतेहपुर चौरासी क्षेत्र में पानी घरों तक घुसने के कारण 14 गांव की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई।
अंधेरे में डूबे गांवों में न तो रोशनी है, न ही संचार सुविधाएं।
किसानों की दोहरी मार
बाढ़ प्रभावित कटरी क्षेत्र में धान, तिल्ली, सब्जियां पूरी तरह डूब गईं।
वहीं दूसरी ओर जिन क्षेत्रों में वर्षा कम हुई, वहां किसानों को पंपिंग सेट से सिंचाई करनी पड़ रही है।
इससे लागत बढ़ रही है और उमस के कारण बार-बार सिंचाई करनी पड़ रही है।
किसान संतकुमार त्रिवेदी, रामबाबू, रमा तिवारी और गुड्डू शुक्ला ने बताया कि “इस साल बारिश कम होने और बाढ़ दोनों ने हमें बर्बाद कर दिया है।”
गंगा–पांडु नदी की धाराएं मिलीं, हालात भयावह
बीघापुर तहसील क्षेत्र में गंगा और पांडु नदी की धाराएं मिल गई हैं।
मंझा, धरमपुर, पसनिया खेड़ा, रतुआ खेड़ा, मानपुर सहित कई गांव जलमग्न हैं।
हजारों बीघा फसल डूब गई है।
लोग तिरपाल डालकर अस्थायी रूप से रह रहे हैं, कुछ ने फतेहपुर जनपद के राहत शिविरों में शरण ली है।
खतरे में जीवन
परियर क्षेत्र के बाबू बंगला गांव में छत पर शरण लिए परिवार की किशोरी मनीषा को नीचे पानी लेने जाते समय जहरीले कीड़े ने काट लिया। नाव से अस्पताल ले जाया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि घरों में सांप-बिच्छू और जहरीले कीड़े घुसने लगे हैं, जिससे जान का खतरा और बढ़ गया है।
राजनीतिक दलों की सक्रियता
सपा जिलाध्यक्ष राजेश कुमार यादव ने बांगरमऊ विधानसभा के बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचकर पीड़ितों से हाल जाना और राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने प्रशासन से दवाओं के छिड़काव, स्वच्छ पेयजल व्यवस्था और किसानों को मुआवजा देने की मांग की।
✍️ रिपोर्ट : RPS समाचार





















