
उपन्यासकार बाबू भगवती चरण वर्मा की 122 वी जयंती उनकी जन्मस्थली सफीपुर में उनकी स्मृति में बने बाबू भगवती चरण वर्मा पार्क में अर्चना परिषद के तत्वाधान में मनाई गई
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उन्नाव।
साहित्य वाचस्पति, साहित्य अकादमी जैसे साहित्य के क्षेत्र की उत्कृष्ट उपाधियों से सम्मानित हो चुके मूर्धन्य साहित्यकार, पद्म विभूषित राज्यसभा सदस्य रहे उपन्यासकार बाबू भगवती चरण वर्मा जी की 122 वी जयंती उनकी जन्मस्थली सफीपुर में उनकी स्मृति में बने बाबू भगवती चरण वर्मा पार्क में अर्चना परिषद के तत्वाधान में साहित्यकारों, समाजसेवियों, अधिवक्ताओं, व्यापारियों,शिक्षको एवम पत्रकारों सहित साहित्य प्रेमियों की उपस्थिति में भव्य एवम दिव्य रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।
अर्चना परिषद के अध्यक्ष एवम नगर पंचायत सफीपुर की अध्यक्षा गरिमा बाजपेई के पति सौरभ बाजपेई “राजा बेटा” के संयोजन में आयोजित जयंती समारोह में पार्क में स्थापित प्रतिमा पर अर्चना परिषद के अध्यक्ष सौरभ बाजपेई एवम संरक्षक दिवाकर द्विवेदी सहित सभी उपस्थिति प्रबुद्ध जनों ने माल्यार्पण कर बाबू जी को नमन किया।
तत्पश्चाप मां वीणा वादिनी बाबू भगवती चरण वर्मा जी की प्रतिमा पर दीप प्रचलित पुष्प अर्पित करते हुए अर्चना परिषद के अध्यक्ष ने आए हुए साहित्यकारों,कवियों को सम्मानित करते हुए उन्हें बाबू भगवती चरण वर्मा जी की प्रतिमा भेंट की।उन्होंने

अधिवक्ताओं,शिक्षिको,व्यापारियों, सभासदों , सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित पत्रकारों को भी सम्मानित किया।कार्यक्रम में फेरबदल करते हुए सर्वप्रथम कवि गोष्ठी शुभारंभ की गई।शिक्षक पत्रकार एवम अर्चना परिषद की नीव डालने वाले संरक्षक दिवाकर द्विवेदी की अध्यक्षता एवम भिनकीपुर हनुमान मंदिर के पीठाधीश्वर स्वामी राम स्वरूप ब्रह्मचारी जी की गरिमामई उपस्थिति में कुशल संचालक विश्वनाथ तिवारी विश्व ने कवि गोष्ठी का संचालन करते हुए साहित्यकार कवि विनय दीक्षित , कवियत्री डॉक्टर शशि रंजना जी उमाशंकर यादव निशंक,डॉक्टर प्रमोद कुशवाहा,ओम प्रकाश मिश्र,शिवसागर उन्नावी,रियाज सफीपुरी,का काव्य पाठ करते हुए उपस्थिति जनसमूह के मन मस्तित्क में साहित्य के प्रति लगाव की अनुभूति कराई।
काव्य गोष्ठी के बाद विचार गोष्ठी में उन्नाव से पधारे शिव मूर्ति द्विवेदी ने अपने उद्बोधन के माध्यम से बाबू भगवती चरण वर्मा जी के जीवन पर अपना व्याख्यान देते हुए अर्चना परिषद को कुछ महत्व पूर्ण सुझाव भी दिए। अफताब हैदर एडवोकेट ने भी अपने विचार रखे।साहित्य एवम धर्म के प्रति सजग प्रहरी के रूप शैक्षिक काल से लगाव रखने वाले अर्चना परिषद के अध्यक्ष का दायित्व संभाल रहे सौरभ बाजपेई राजा बेटा ने सभी आगत अतिथियों एवम उपस्थित जनसमूह का आभार जताते हुए नगर की अमूल्य धरोहर रहे बाबू जी स्मृति को संजोने के लिए आने वाली पीढ़ी के प्रति अपने दायित्व का उदवोध कराते सभी से सहयोग की अपेक्षा करते हुए अपना संकल्प दोहराते हुए कहा यदि सभी का सहयोग इसी तरह मिलता रहा एवम बाबा मोटेश्वर जी कृपा हुई तो वर्ष 2026 में बाबू जी जयंती इससे भी भव्य एवम दिव्य रूप से मनाई जायेगी। उन्होंने कहा उनका प्रयास है कि बाबू जी की स्मृति में एक ई लाइब्रेरी स्थापित हो जिसके लिए भूमि की तलाश जारी है।यदि जमीन उपलब्ध हो जाएगी अगली जयंती में उसका भी शुभारंभ कराया जाएगा।
इस मौके पर अधिवक्ता संघ के तहसील अध्यक्ष राम खेलावन कुरील,महामंत्री संजीव शुक्ला,प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र मिश्र महामंत्री भानू सिंह चंदेल, शिक्षक संघ के अध्यक्ष राघवेंद्र सिं सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता,शिक्षक, पत्रकार,व्यापारी, चिकित्सक एवम समाज के विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।कार्यक्रम को सफल बनाने में वीरेंद्र मिश्र दुल्लर, पत्रकार सोनू श्रीवास्तव,नगर पंचायत के लिपिक होरीलाल आदि ने महत्ती भूमिका निभाई।





















