
सुप्रसिद्ध कपिलेश्वर महादेव मंदिर को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए समाजसेवी ने मा0 मुख्यमंत्री से की मांग

बांगरमऊ, उन्नाव ।
जनपद हरदोई के विकास खंड मल्लावां के ग्राम कटिया-भिखारीपुर में शारदा नहर के किनारे अत्यंत प्राचीन कपिलेश्वर महादेव मंदिर स्थित है। इस मंदिर की महिमा कई पड़ोसी जनपदों में भी विख्यात है। लोगों की ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में स्वयंभू शिवलिंग विराजमान है। अर्थात् जिसकी स्थापना न की गई हो, जो स्वयं ही भूमि से प्रगट हुई हो। इस शिवलिंग को चमत्कारिक शिवलिंग भी कहा जाता है क्योंकि यह शिवलिंग रंग परिवर्तनशील है। मान्यता तो यह भी है कि यह कपिल मुनि की तपोस्थली भी रही है। इसलिए इस मंदिर का नाम कपिल मुनि के नाम पर कपिलेश्वर महादेव मंदिर पड़ा है। जिस सरोवर के किनारे कपिल मुनि की कुटिया हुआ करती थी वह सरोवर आज भी मंदिर प्रांगण में मौजूद है जिसके निकट बैठकर शांति का अनुभव होता है। इस मंदिर परिसर में देवीय शक्ति का विशेष अनुभव होता है। यहां महाशिवरात्रि व सावन माह के महीने में हजारों की संख्या में कांवड़ियां एवं श्रद्धालुजन एकत्र होकर शिव की अराधना करते हैं। ऐसे दुर्लभ एवं पौराणिक स्थल के लिए वर्तमान समय में सड़क का न होना आजकल के कर्मठ, ईमानदार क्षेत्रीय नेताओं के विकास को दर्शाता है। आज कांवड़ियों व श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने के लिए सड़क न होने के कारण अत्यंत कठिनाई उठानी पड़ रही है। आज सभी क्षेत्रीय शिव भक्त सड़क न होने के कारण मायूस व परेशान हैं।
इसलिए शिव भक्तों की परेशानी को देखकर समाजसेवी एवं पत्रकार नरेश दीक्षित ने धर्मार्थ योजना के अंतर्गत सुप्रसिद्ध कपिलेश्वर महादेव मंदिर को मुख्य मार्ग गंज मुरादाबाद – नयागांव में जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मांग की है। नरेश दीक्षित ने जनहित में मुख्यमंत्री जी से आग्रह किया है कि लोग निर्माण विभाग उत्तर प्रदेश को निर्देश देकर श्री कपिलेश्वर प्राचीन मंदिर को मुख्य मार्ग से शीघ्रता-शीघ्र जोड़ने का कार्य किया जाए। जिससे सभी क्षेत्रवासियों की सड़क को लेकर मायूसी को दूर किया जा सकें व पौराणिक स्थलों को बचाया जा सकें। ज्ञातव्य हो कि कुछ वर्ष पूर्व नरेश दीक्षित ने शासन की ही मदद से धर्मार्थ योजना के अंतर्गत श्री सिद्धनाथ शिव मंदिर का भी जीर्णोद्धार करवाया था। जिसकी सुंदरता और भव्यता आज शिव भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करती है।



















