
16 अगस्त को जन्माष्टमी: व्रत विधि और व्रत आहार
काशी पंचांग के अनुसार, प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य रघुनाथ प्रसाद शास्त्री ने बताया कि इस वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी 16 अगस्त को मनाई जाएगी।
इस दिन अष्टमी तिथि उदयकाल में रहेगी और रात तक जारी रहेगी, इसलिए व्रत और पूजा इसी दिन करना श्रेष्ठ है।
भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास की अष्टमी को हुआ था। इस बार अष्टमी की रात्रि 16 अगस्त को पड़ रही है, जबकि रोहिणी नक्षत्र अगले दिन लगेगा।
जन्माष्टमी पूजा विधि
1. प्रातः स्नान कर संकल्प लें कि आप जन्माष्टमी का व्रत करेंगे।
2. भगवान कृष्ण को दूध, दही, घी, शहद, इत्र और गंगाजल से स्नान कराएं।
3. उन्हें पीले वस्त्र पहनाएं, आभूषण सजाएं और माखन-मिश्री का भोग लगाएं।
4. भगवान के हाथ में बांसुरी रखें और उन्हें झूला झुलाएं।
5. पूजा के दौरान श्रीकृष्ण मंत्र जप और गीता पाठ करें।
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व्रत में क्या खा सकते हैं
व्रत में अन्न का सेवन वर्जित है।
दिनभर फल, दूध, आलू या सिंघाड़े के आटे से बने व्यंजन ले सकते हैं।
भोजन में सेंधा नमक का ही प्रयोग करें।
रिपोर्ट RPS समाचार



















