
दोस्तपुर शिवली गांव का कैसे दोस्तपुर शिवली गांव नाम पड़ा
फतेहपुर चौरासी उन्नाव

क्षेत्र के दोस्तपुर शिवली गांव का कैसे दोस्तपुर शिवली गांव नाम पड़ा। इस बारे में गांव के बुजुर्ग बताते कि मेरे पूर्वज बताया करते थे कि एक राजा ने 1643 में यह गांव बसाया था उनका नाम राजा सोलीयर्धन था। वह राजा बहुत ही धार्मिक उदारवादी थे। वह शत्रुओं से ज्यादा समय तक शत्रुता नहीं रख पाते थे उन्हें बहुत ही जल्दी – अपना दोस्त मान लेते थे। इस लिए गांव का नाम दोस्तपुर पड़ा और उस राजा के राज्य में जनता बहुत ही खुश रहती थी। राजा के गुरु गिरिधर जी महाराज ने गांव का नाम दोस्तपुर सोलीय रखा था। कुछ समय बाद इस गाव को दोस्तपुर सोली के नाम से जाना जानें लगा। क्यों कि गांव में शुअर प्रजाति के पशु अधिक पाले जाते थे आज भी गूगल मैप पर दोस्तपुर सोली लिखा हुआ है
इस गांव में एक जगह है गढ़ी उस जगह पर राजा का बहुत बड़ा सा महल था जहां राज दरबार लगा करता था। उसी जगह में वर्तमान समय में ज्योतिषाचार्य व आर पी एस समाचार प्रधान सम्पादक रघुनाथ प्रसाद शास्त्री रहते हैं। आज भी उस समय की इमारत की कुछ टुकड़े मिलते हैं। गांव के बुजुर्ग अवकाश प्राप्त शिक्षक देशराज सिंह बताया करते थे कि जिस समय मेरे पूर्वज यहाँ आकर अपना निवास बनाया था उस समय जमीदार तख्त सिंह का बर्चस्व था। तख्त सिंह के 6 पुत्र बाबू सिंह, शंकर सिंह, हरदेव सिंह, • भगवान बक्स, गयाबक्स सिंह, राजपाल से सिंह थे। वर्तमान प्रधान पवन कुमार पाल ने बताया की इस ग्राम पंचायत की लगभग क दो हजार आबादी है। क्षेत्रफल लगभग 800 बीघे है जिसमें लगभग 70 बीघे चारागाह भी शामिल है और गांव में 4 तालाब भी हैं। जिसमें एक सरकारी धन से बनाया गया है। गाँव के सबसे बुजुर्ग मथुरा प्रसाद राठौर ने बताया कि सबसे पहले 1952-53 में ग्राम प्रधान का चुनाव हुआ था जिसमे गांव के अन्नतू पाल पुत्र जोधा और पूर्व जिमीदर के सुपुत्र भगवान बक्स सिंह चुनाव लड़े थे और वह चुनाव अन्नतू पाल जीते थे जो लगभग 25 वर्ष प्रधान रहे। उसके बाद लाऊ पुत्र रामलाल प्रधान बने। 1988-89 में जब चुनाव हुए तो मुलई पुत्र टिककन प्रधान बनें। गाव में वर्ष 2003 में हुए एक सामूहिक नरसंहार में मुलई प्रधान जेल चले गए। इसके बाद मंगलीप्रसाद पाल पुत्र भगवानदीन पाल 2008 तक प्रधान रहे। 28 अगस्त 2005 से दिसंबर 2015 तक पवन कुमार पाल पुत्र छोटेलाल प्रधान रहे। दिसम्बर में चुनाव हुये चुनाव में प्रधान पद अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित होने के कारण पवन कुमार पाल चुनाव नहीं लड़ सके 13 दिसंबर 2015 को पुनःमुलई प्रधान बन गए।
गांव के बुजुर्ग रघुनाथ प्रसाद शास्त्री के पिता गंगा शंकर बताया करते थे कि मेरे बचपन में गावँ को दोस्तपुर सोली ही कहा जाता था लेकिन लगभग 30 वर्षों से दोस्तपुर शिवली कहा जाने लगा। वर्तमान प्रधान पवन पाल ने बताया यह गांव लगभग दो वर्ग किलोमीटर में बसा है। इस गांव में चार देव स्थान है। जिसमे सनदोही माँ, दाने बाबा, महादेव प्रमुख है। एक तपोभूमि है त्यागी बाबा आश्रम के नाम से जानी जाती है। जहाँ त्यागी बाबा ने भूमि के अंदर चालीस दिन की भूमि समाधि ली थी। त्यागी बाबा नाम के जो यहां महात्मा रहा करते थे उन्होंने हमसे(रघुनाथ प्रसाद शास्त्री) स्वयं बताया था कि इस गांव के आसपास किसी बाहर के या पड़ोसी गांव का कभी भी प्रकोप प्रभावी नहीं होगा क्योंकि यहां हनुमान जी की जो मैंने स्थापना करवाई है यह हनुमान जी जागृत है। इस गांव की सदैव रक्षा करेंगे। यह गांव उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले की बांगरमऊ तहसील न्याय पंचायत कठिधरा विकासखंड फतेहपुर चौरासी में गांव कल्याणी नदी के समीप स्थित है।
रिपोर्ट रघुनाथ प्रसाद शास्त्री



















