
श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिवस पर सुदामा चरित्र राजा परीक्षित मोक्ष प्रसंग सुन श्रोता हुए गदगद

बांगरमऊ संवाददाता
बांगरमऊ उन्नाव
क्षेत्र के भिखारीपुर पतसिया गांव में संजय सिंह के निवास पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिवस पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास पंडित देवकीनंदन पाण्डेय महाराज ने सुदामा चरित्र और राजा परीक्षित मोक्ष प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कथा का समापन किया।
कथा व्यास श्री पाण्डेय ने सुदामा और भगवान श्रीकृष्ण की मित्रता के मार्मिक प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि सच्ची मित्रता, भक्ति और समर्पण का फल अवश्य मिलता है। भगवान अपने भक्तों की पुकार सुनते हैं और उनके दुखों का निवारण भी करते हैं। उन्होंने कहा कि सुदामा चरित्र हमें विनम्रता, त्याग और ईश्वर पर अटूट विश्वास रखने की प्रेरणा देता है। तत्पश्चात उन्होंने राजा परीक्षित मोक्ष की कथा का सारांश बताया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मानव को जन्म-मरण के बंधन से मुक्त कर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करती है।
समापन अवसर पर यजमान संजय सिंह के परिवार ने माल्यार्पण कर कथा व्यास को सम्मानित किया और सभी श्रद्धालु भक्तों का आभार व्यक्त किया। आयोजक संजय सिंह ने बताया कि कल (आज) बुधवार 3 जून को प्रातः 11 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। कथा की व्यवस्था रणंजय सिंह मोनू,विवेक सिंह पटेल,मुन्ना सिंह,अजय बहादुर सिंह,सुनील सिंह सेंगर,अरुण सिंह, धर्मेन्द्र सिंह,अनिल सिंह,रमेश द्विवेदी,देवेन्द्र प्रताप सिंह,ठाकुर प्रसाद,संतोष यादव,अवधेश कुमार,शिशिर यादव,विमल शुक्ला,,अजय सिंह लकी,शालू सिंह,विवेक गुप्ता,सुमित सिंह व अवधेश सिंह ने सम्हाली।

















