
गंजमुरादाबाद
कस्बे में स्थित विभिन्न बैंकों के एटीएम इन दिनों पूरी तरह से शोपीस बनकर रह गए
बांगरमऊ संवाददाता
बांगरमऊ, उन्नाव।
गंजमुरादाबाद
कस्बे में स्थित विभिन्न बैंकों के एटीएम इन दिनों पूरी तरह से शोपीस बनकर रह गए हैं। मशीनों के खराब होने या शटर बंद रहने के कारण उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के इस मौसम में लोगों को पैसों की निकासी के लिए मीलों दूर भटकना पड़ रहा है, जिससे स्थानीय जनता और व्यापारियों में भारी आक्रोश है।
कस्बे में स्थित बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया के एटीएम या तो तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़े हैं या उनमें कैश ही उपलब्ध नहीं है। शादी-ब्याह के सीजन और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए जब उपभोक्ताओं को नकदी की सख्त जरूरत है, तब बैंकों की यह लापरवाही भारी पड़ रही है। एटीएम बंद होने से बाजार में नकदी का प्रवाह कम हो गया है, जिससे स्थानीय दुकानदारों और छोटे व्यापारियों का धंधा भी मंदा चल रहा है। कस्बे के निवासियों का कहना है कि डिजिटल इंडिया के बड़े-बड़े दावों के बीच गंजमुरादाबाद की जमीनी हकीकत बेहद निराशाजनक है। जब भी कोई उपभोक्ता पैसे निकालने एटीएम बूथ पर पहुंचता है, तो वहां या तो “नो कैश” का बोर्ड लटका मिलता है या फिर मशीन खराब मिलती है। आपातकालीन स्थिति या इलाज के लिए पैसे की जरूरत होने पर लोगों को बांगरमऊ या अन्य नजदीकी नगरों की दौड़ लगानी पड़ रही है, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि बैंकों के उच्च अधिकारियों को कई बार इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। बैंक प्रबंधन केवल आश्वासन देता है, जबकि धरातल पर कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है। उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सभी बंद पड़े एटीएम को सुचारू रूप से चालू नहीं किया गया, तो वे बैंक शाखाओं के सामने धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।


















