कोरोना योद्धाओं में अहम भूमिका निभाने वाले नगर महापालिका नगर पंचायत और नगर पालिकाओं के कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट आ खड़ा हुआ

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कोरोना योद्धाओं में अहम भूमिका निभाने वाले नगर महापालिका नगर पंचायत और नगर पालिकाओं के कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट आ खड़ा हुआ

रिपोर्ट- गिरीश त्रिपाठी
स्वतंत्र पत्रकार /मुख्य संवाददाता आर पी एस समाचार

उन्नाव

कोरोना योद्धाओं में अहम भूमिका निभाने वाले नगर महापालिका नगर पंचायत और नगर पालिकाओं के कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट आ खड़ा हुआ है। इन कर्मचारियों को सरकार की ओर से अभी तक वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। किंतु सरकार इनका जगह-जगह स्वागत करने सम्मान करने का आवाहन कर रही है। बेतन न दे कर के स्वागत और सम्मान कर्मचारियों को नहीं भा रहा है।
बताते चलें कि गोविंद कोविड-19 महामारी के बचाव में सफाई कर्मचारी चिकित्सक पुलिस राजस्व कर्मी आदि कोरोना योद्धा के रूप में क्षेत्र में रह करके इस महामारी को रोके जाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को सफल करने में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं। उनकी इस अहम भूमिका को लेकर जहां समाज के बुद्धिजीवी वर्ग एवं राजनीतिक वर्ग के लोग उनका जगह-जगह स्वागत एवं सम्मान कर रहे हैं वही पुष्प वर्षा और वस्त्र देकर उनकी हौसला अफजाई भी कर रहे हैं ।सरकार की ओर से भी समय-समय पर उनकी हौसला अफजाई करने और सम्मान करने के निर्देश होते रहते हैं ।किंतु इस महामारी को रोकने में सबसे अहम भूमिका निभाने वाले सबसे निचली कड़ी के सफाई कर्मचारी जो प्रयोग किए हुए मास्क ,ग्लव्स आदि से लेकर तमाम तरह की गंदगी और कूड़ा कचरा साफ करने का काम करते हैं और रात दिन मेहनत करते हैं उनको यह सम्मान और हौसला अफजाई रास नहीं आ रहा है। इसके पीछे उनको अब तक वेतन न मिल पाने का दर्द छुपा झलकता नजर आ रहा है ।यह कर्मचारी बताते हैं कि परिवार के एक माह तक भरण-पोषण की धनराशि उनको वेतन के रूप में मिलती है और जब वेतन मिलने में देर हो जाती है तो उनके परिवार की खाने पीने की व्यवस्था महाजनों और उधार के पैसों से हो पाती है। यदि वह ब्याज पर पैसा न दें तो खाने पीने की व्यवस्था कर पाना बड़ा कठिन हो जाता है। कर्मचारियों का कहना है कि नगर महापालिका से लेकर नगर पंचायतों तक नियमित और संविदा पर कार्यरत प्रदेश के किसी भी सफाई कर्मचारी को अब तक वेतन नहीं दिया गया है ।जिसको लेकर सफाई कर्मचारियों के एक संगठन ने गुरुवार को लखनऊ में प्रदर्शन भी किया था । नगर पालिका नगर पंचायतों की नहीं ग्राम पंचायतों तक के सफाई कर्मचारियों को अभी तक उनका निर्धारित मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। अजीब विडंबना है कि इन सफाई कर्मचारियों की मेहनत और कर्मठता के बदौलत जहां कोरोना जैसी महामारी को रोकने के लिए यह कर्मचारी दिन रात जी जान से लगे हुए हैं और उनको वेतन की जगह पर केवल सम्मान और उत्साह वर्धन ही मिल पा रहा है। जिससे एक अजीब सी स्थिति इन कर्मचारियों के सामने खड़ी हो गई है ।बताते हैं कि सफाई कर्मचारियों के साथ साथ नगर पालिका से लेकर नगर पंचायतों तक कार्यरत अन्य कर्मचारी एवं अधिकारियों को भी अभी तक वेतन उपलब्ध नहीं हुआ है ।जिससे इन सब में अंदर अंदर रोष पनप रहा है किंतु फर्ज के साथ-साथ इनका जुड़ा समाज की रक्षा करने का जज्बा इनको काम करने के लिए विवश किए हैं। कर्मचारी संगठनों ने सरकार से शीघ्र वेतन भुगतान किए जाने की मांग की है।
उधर जानकार लोगों ने बताया कि जब नगर महापालिका के कर्मचारियों ने लगातार एक सप्ताह तक लखनऊ में प्रदर्शन किया तो सरकार ने दूसरे मद की धनराशि से वेतन भुगतान करने के आदेश किए हैं ।निर्माण कार्यों में प्रयोग होने वाली धनराशि से यदि वेतन भुगतान कर दिया जाएगा तो निर्माण एजेंसी का भुगतान अधर में लटक जाएगा। कई नगर महापालिका और नगर पालिका में भुगतान किया भी जा चुका है जिससे एक तरफ सफाई कर्मचारी और अन्य कर्मचारियों को वेतन मिल तो रहा है वहीं दूसरी तरफ निर्माण एजेंसियों का भुगतान रुक गया है। जिससे समस्या का हल होने के बजाय समस्या और जटिल हो गई है।

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