विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय परिसर में कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए मानसिक स्वास्थ्य कैंप एवं गोष्ठी का आयोजन किया गया

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विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय परिसर में कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए मानसिक स्वास्थ्य कैंप एवं गोष्ठी का आयोजन किया गया

     

रिपोर्ट-RPS समाचार प्रमुख संवादाता गिरीश त्रिपाठी

उन्नाव
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय परिसर उन्नाव में कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए मानसिक स्वास्थ्य कैंप एवं गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ कैप्टन आशुतोष कुमार व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ बीबी भट्ट व अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मानसिक स्वास्थ्य कैंप में 61 लोगों का पंजीकरण किया गया, जिनका परीक्षण कर उन्हें सलाह एवं उपचार की सेवाएं मानसिक इकाई द्वारा प्रदान की गई तथा मानसिक दिव्यांग लोगों का दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाकर निर्गत किया गया ।
मानसिक स्वास्थ्य कैंप में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मानसिक रोग के बारे में बताया कि मानसिक रोग असाध्य रोग नहीं है यह रोग इलाज से ठीक हो जाता है। इस रोग के इलाज की सुविधा जिला चिकित्सालय परिसर में संचालित मानसिक रोग इकाई में तैनात मानसिक रोग विशेषज्ञ एवं उनकी टीम के द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है ।इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उन्नाव की तरफ से श्री कमलेश कुमार दीक्षित एडवोकेट ने मानसिक रोग के साथ-साथ निशुल्क प्रदान की जा रही विधिक सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
मनोरोग विशेषज्ञ डॉ विकास दीक्षित ने मानसिक रोग के लक्षण एवं उपचार के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि मानसिक रोग शारीरिक बीमारियों की तरह ही एक बीमारी होती है ।देवी देवता, भूत प्रेत, झाड़-फूंक के रोगी भी मानसिक रोगी होते हैं ।नशा करना ,गाली गलौज करना ,लड़ाई झगड़ा करना भी मानसिक रोग के लक्षण होते हैं ।मानसिक रोग से कोई भेदभाव न किया जाए। मानसिक रोग छूने से, साथ खाना पीना खाने से ,बातचीत करने से नहीं होता है ।मानसिक रोग असाध्य नहीं है यह उपचार से ठीक हो जाता है ।मानसिक रोगी को नियमित रूप से व्यायाम ,योगा करना चाहिए तथा परिवार के साथ समय बिताना चाहिए और कम से कम 6 से 8 घंटे नींद लेना चाहिए।
नोडल अधिकारी ड्रा तन्मय कक्कड़ अपर मुख्य चिकित्सा ने इस अवसर पर वैश्विक महामारी के दौरान उत्कृष्ट सेवा प्रदान करने वाले व्यक्तियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाने की व्यवस्था कराई ।मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं अन्य अधिकारियों ने उत्कृष्ट सेवा के लिए कोतवाली सफीपुर के हरिकेश राय, लल्लू सिंह भदोरिया ,आशीष कुमार त्रिपाठी, शेष नारायण द्विवेदी, प्रीति तोमर जिला सूचना कार्यालय की उपनिदेशक मधु तांबे, लेखाकार रमेश कुमार रावत, आदर्श वर्मा, सचिन कुमार ,सफाई कर्मचारी दबौली से हृदय नारायण, जगत नगर के अवधेश वर्मा, राम प्रसाद दुबे ,आशा यस के सुरेन्द्र सिंह,दीपवल से गया प्रसाद एवं आशा कार्यकर्ता नवाबगंज से शीला सिंह, रामा देवी, सरोजिनी, बीघापुर से ममता ,सुभाषिनी, पप्पी चौरसिया, शीला सिंह, अचलगंज से अनीता श्रीवास्तव, पूनम रावत ,भानुमति ,शुक्लागंज से विमलेश ,महिमा मिश्रा ,शहर उन्नाव से प्रतिमा ,स्वाति ,पूनम को क्रोना योद्धा का प्रशस्ति प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
मानसिक स्वास्थ्य में आए तब 10 दिव्यांगों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने दिव्यांग प्रमाण पत्र वितरित किया। सफीपुर से सनी कुमार पुत्र विनोद, अंशुल पुत्र उमाशंकर, शहर उन्नाव से काजल शर्मा पुत्री मनोज शर्मा, चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव पुत्र प्रेम शंकर, साक्षी सिंह पुत्री समर बहादुर सिंह ,राम गम पुत्र छोटेलाल ,हसनगंज से रामचंद्र पुत्र मुनीम दास ,औरास से पार्वती पुत्री चतुरी ,रुचि मौर्य पुत्री हरिप्रसाद एवं पुरवा से आकाश पुत्र रज्जन लाल को मानसिक दिव्यांग प्रमाण पत्र वितरित किया।
।विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ बीबी भट्ट, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ धीर सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर ए के रावत , ड्रा तन्मय कक्कड़, ड्रा अर्जुन सिंह सारंग,ड्रा ललित श्रीवास्तव ,नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बी बी दुबे, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से कमलेश कुमार दीक्षित एडवोकेट, मानसिक स्वास्थ इकाई के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ विकास दीक्षित ,कोऑर्डिनेटर दीपक साहू, आशा गौतम ,प्रज्ञा सैनी, गोविंद लाल प्रजापत, विजय कुमार एवं सोमनाथ तिवारी, नीरज निगम आदि ने प्रतिभाग किया ।कार्यक्रम का संचालन जिला स्वास्थ्य शिक्षा सूचना अधिकारी लाल बहादुर यादव ने किया ।नोडल अधिकारी ड्रा तन्मय कक्कड़ अपर मुख्य अधिकारी ने सभी आए प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया ।

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