जिलाधिकारी के निर्देश पर कोषाधिकारी नें कोषागार से पैशन प्राप्त करने वाले लोगों के लिए जीवित प्रमाण पत्र ई-मेल या व्हाट्सएप से भेजने का निवेदन किया है।

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जिलाधिकारी के निर्देश पर कोषाधिकारी नें कोषागार से पैशन प्राप्त करने वाले लोगों के लिए जीवित प्रमाण पत्र ई-मेल या व्हाट्सएप से भेजने का निवेदन किया है।

 

रिपोर्ट-गिरीश त्रिपाठी स्वतंत्र पत्रकार

उन्नाव। उन्नाव के वरिष्ठ कोषाधिकारी ने बताया कि जिलाधिकारी रवीन्द्र कुमार के निर्देश कोविड-19 के कारण जनपद उन्नाव में लाॅक-डाउन में यातायात प्रतिबंधित होने के कारण ऐसे पेंशनर जो कोषागार उन्नाव से पेंशन प्राप्त कर रहें तथा माह मार्च एवं माह अप्रैल में स्वयं के जीवित रहने का प्रमाण पत्र कोषागार कार्यालय में उपस्थित होकर प्रस्तुत करते हैं, ऐसे पेंशनरों को लॉक डाउन में यातायात व्यवस्था प्रतिबंधित होने के कारण कोषागार कार्यालय उपस्थित होकर जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर पाना संभव नहीं है।
उन्होंने बताया कि निदेशक, कोषागार द्वारा ई-मेल पर निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे पेंशनर जिनके जीवित प्रमाण पत्र की वैधता माह मार्च एवं अप्रैल, 2020 में समाप्त हो रही है उनके जीवित प्रमाण पत्र ई-मेल अथवा व्हाट्सएप पर प्राप्त कर माह मार्च एवं अप्रैल, 2020 के पेंशन का भुगतान किया जा सकता है।
वरिष्ठ कोषाधिकारी, उन्नाव ने बताया कि जिन पेंशनरों के जीवित प्रमाण पत्र की वैधता मार्च, 2020 एवं अप्रैल, 2020 में समाप्त हो रही है वह निम्न प्रारूप पर अपने जीवित होने का प्रमाण पत्र ई-मेल tounn@up.nic.in अथवा व्हाट्सएप नंबर 9795692512 पर भेज सकते हैं। ई-मेल अथवा व्हाट्सएप पर प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर उनको जीवित मानते हुए कोषागार द्वारा उनकी पेंशन उनके बैंक के खाते में भेज दी जाएगी। ई-मेल अथवा व्हाट्सएप पर प्रार्थना पत्र उपलब्ध कराने वाले पेंशनर को लाॅक-डाउन समाप्त होने के उपरान्त कोषागार में स्वयं उपस्थित होकर अथवा नियमानुसार बैंक के माध्यम से अपना जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। अन्यथा की स्थिति में माह मई 2020 से पेंशन का भुगतान संभव नहीं हो सकेगा।

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