आगरा-लखनऊ एकसप्रेस-वे पर होते बड़े हादसे

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आगरा-लखनऊ एकसप्रेस-वे पर होते बड़े हादसे

मारुति  वैन डिवाइडर से टकराकर सामने से आ रहे ट्रक में जा घुसी और आग का गोला बन गई। सीएनजी तथा पेट्रोल के संपर्क के कारण आग लगने से वैन में सवार सभी लोग पलक झपकते ही कंकाल बन गए

 

By एडमीन

उन्नाव,  लखनऊ-आगरा एकसप्रेस-वे पर रविवार रात टायर फटने के कारण अनियंत्रित मारुति वैन  डिवाइडर से टकराकर सामने से आ रहे ट्रक में जा घुसी और आग का गोला बन गई। सीएनजी तथा पेट्रोल के संपर्क के कारण आग लगने से वैन में सवार सभी लोग पलक झपकते ही कंकाल बन गए। इनके शव की पहचान काफी मुश्किल हो गई है।

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर रविवार रात भीषण सड़क हादसे में सात लोगों की मौत से लोगों का दिल दहल गया। किसी को भी वहां पर कुछ भी करने का मौका ही नहीं मिला। वैन सवार आग का गोला बन चुके थे। इन सभी को बचाने का प्रयास करने वाले लोग भी असहाय हो गए। एक घंटे तक वैन में सवार लोगों की संख्या को लेकर कयास लगता रहा। दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने के लिए दो बार पानी भरना पड़ा। आग बुझने के बाद वैन के पास रेस्क्यू टीम पहुंची। अंदर देखकर उनके भी रोंगटे खड़े हो गए। कार के पीछे की सीट पर पांच लोग सवार थे। किसी तरह गेट तोड़कर उन्हें बाहर निकाला जाने लगा। शव इतनी बुरी तरह जल चुके थे कि पहचान पाना कठिन था। वैन में मांस के लोथड़े पड़े थे। शरीर के कुछ अंग गिर रहे थे। किसी तरह से पुलिस ने पांच लोगों के शव बाहर निकाले। ट्रक की टक्कर से आगे बैठे चालक और एक अन्य व्यक्ति का शव वैन में फंस चुका था। उन्हें निकालने के लिए कटर का इस्तेमाल किया गया।

नहीं हो सकी शवों की पहचान

बुरी तरह जले शवों में यह पहचान भी नहीं हो पा रही थी कि इसमें महिला कौन है और कौन पुरुष। सिर्फ हड्डियों का ढांचा ही बचा था। कार सवार कहां के थे, इसका भी पता नहीं चल पा रहा था। सिर्फ वैन के नंबर से अंकित बाजपेयी के नाम गाड़ी होने की शिनाख्त की जा सकी थी। एसपी विक्रांतवीर ने मौका मुआयना किया। उन्होंने बताया कि सात लोगों की मौत हुई है। शिनाख्त के प्रयास हो रहे हैं।

भयावह नजारा देख लोग ठिठके

वैन के ट्रक से टकराने के बाद का भयावह नजारा देख लोग सिहर उठे। आग से घिरी वैन के भीतर सात लोग जिंदगी के लिए छटपटाते रह गए। गैस सिलिंडर से संचालित वैन में आग इस तेजी से फैली कि किसी को बचाव का मौका नहीं मिला। वैन के भीतर लोग छटपटाते नजर आ रहे थे लेकिन बचाव का कोई रास्ता नहीं था। बीच-बीच में वैन से पटाखे छूटने जैसी आवाजें और डरा रही थीं। मदद की नीयत से दौड़े आसपास के लोगों के कदम आग की लपटों ने रोक दिए। आग इतनी भीषण थी कि ट्रक का अगला हिस्सा भी लपटों में घिर गया। भयावह नजारा देख शुरुआत में कुछ समय पुलिस के भी कदम ठिठके रहे।

आगे का दाहिना टायर फटने से ट्रक में घुसी थी वैन

हादसे की मुख्य वजह वैन का टायर फटना बताया जा रहा है। कार रफ्तार काफी तेज थी। अचानक कार के आगे का दाहिना टायर फट गया। इससे वैन डिवाइडर से टकराकर सामने से आ रहे ट्रक में जा घुसी। सड़क में रिम रगडऩे से चिनगारी उठ रही थी, जिससे कार में आग लग गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाके की आवाज हुई। इसके बाद ट्रक में भी आग लग गई। ट्रक चालक व खलासी मौका पाकर भाग निकले। इतने में कार सवार आग का गोला बन गए थे। आग की लपटों के आगे कोई नजदीक जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। ट्रक का केबिन भी जल चुका था। गनीमत थी ट्रक के पिछले हिस्से में आग नहीं लगी वर्ना उसमें लदा सरसों का तेल स्थिति और बिगाड़ देता।

सीएनजी और पेट्रोल दोनों में लगी आग

हादसे के बाद वैन के पेट्रोल और सीएमजी टैंक में आग लग गई थी। इससे आग ने विकराल रूप धारण कर दिया, जिसे बुझाने में एक घंटा लग गया। वैन पूरी तरह से जल गई थी। ट्रक का केबिन जल गया।

आगरा-लखनऊ एकसप्रेस-वे पर बड़े हादसे

20 लाेगाें के जिंदा जल कर मौत

10 जनवरी, 2020 को कन्नौज में बस और ट्रक की भीषण टक्कर के बाद दोनों में आग लग गई थी, जिसमें 20 लाेगाें के जिंदा जल कर मौत हो गई थी। बस फर्रुखाबाद से जयपुर जा रही थी। हादसा इतना भीषण था कि ट्रक का डीजल टैंक फट गया। इससे ट्रक और बस दोनों में आग लग गई। स्लीपर बस में फंसे यात्रियों को निकलने तक का मौका नहीं मिल सका। बस में 45 लोग सवार थे। बचाव दल ने 25 लोगों को बाहर निकाल लिया था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि बस पूरी तरह से यात्रियों से भरी हुई थी। आग लगने के बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

फीरोजाबाद बस हादसे में हुई थी 14 लोगों की मौत

इसके बाद 12 फरवरी, 2020 की रात को फीरोजाबाद में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसे में बस में सवार 14 यात्रियों की मौत हो गई थी। दिल्ली से बिहार जा रही स्लीपर कोच बस नगला खंगर के पास आगे चल रहे ट्राला में टकरा गई थी। पुलिस के पहुंचने तक यात्री बस में फंसे हुए थे और उन्हें निकालने में भारी परेशानी हो रही थी। इसके बाद कटर और क्रेन मंगाकर राहत कार्य शुरू किया। घायलों को एंबुलेंस से सैफई मिनी पीजीआइ भेजा गया। सवारियां दिल्ली के रामलीला मैदान से बिहार के लिए बस में सवार हुई थीं।

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