Tuesday, February 27, 2024
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हीरा और कमोडिटी कारोबारी पर सीबीआई ने कसा शिकंजा, सुजय और उदय देसाई पर CBI का शिकंजा

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 पेन किंग विक्रम कोठारी के बाद बैंकों का पैसा डुबाने का यह दूसरा सबसे बड़ा मामला है

कानपुर की 14 बैंकों के 3635 करोड़ रुपये के कर्जदार हीरा कारोबारी उदय देसाई अब सीबीआई की नजर में आ चुके है। एक वक्त पर नामी हुरून इंटरनेशनल पत्रिका ने इस ग्रुप के 3 मेंबर्स को यूपी के सबसे अमीर लोगों में शुमार किया था। मंगलवार को सीबीआई ने अपना शिकंजा कस्ते हुए दिल्ली से आई टीम ने बिरहाना रोड स्थित एक बैंक की मुख्य शाखा में छापा मारा और हीरा कारोबारी की लोन संबंधी फाइलों को जब्त कर लिया है।

इस सिलसिले में दिल्ली से आयी सीबीआई टीम ने शाखा प्रबंधक से करीब दो घंटे तक पूछताछ की। कार्रवाई इतनी गोपनीय तरीके से की गयी कि शाखा के कर्मचारियों तक को इस बारे में भनक नहीं लगी। सीबीआई ने मंगलवार को 7000 करोड़ से अधिक की बैंक धोखाधड़ी के सिलसिले में देश भर में लगभग 190 स्थानों पर छापामारी की थी। इसी क्रम में एक टीम बैंक की बिरहाना रोड स्थित मुख्य शाखा पहुंची।

आठ साल में 3000 करोड़ से अधिक का लोन

1- बैंक ऑफ इंडिया ने मुंबई, कानपुर और गुड़गांव स्थित संपत्तियों को कब्जे में ले लिया है। कई संपत्तियां अभी जब्त होने की स्थिति में हैं और कई नीलामी की प्रक्रिया में चल रही हैं।

2- कानपुर के हीरा कारोबारी उदय देसाई ने 14 बैंकों के 3635 करोड़ रुपये डुबो दिए हैं। इन बैंकों में इनकी आधा दर्जन कंपनियों के दर्जन भर से अधिक खाते एनपीए हो गए हैं।

3- उदय देसाई की कंपनियों मैसर्स फ्रास्ट इंटरनेशनल लिमिटेड व फ्रास्ट इंफ्रास्ट्रक्चर व एनर्जी लिमिटेड समेत कई कंपनियों ने वर्ष 2002 से 2010 के बीच तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक का लोन लिया। वर्षों तक लोन की किस्तें ठीक चलने और लगातार लिमिट बढ़ने के बाद वर्ष 2018 में इनके खाते एनपीए होने लगे।

4- वर्तमान में इनके 14 बैंकों में इतने ही खाते एनपीए हो चुके हैं। सम्पतियों की नीलामी की प्रकिया चल रही है

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