जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुआ एकीकृत बागवानी विकास मिशन एवं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना ’पर ड्राप मोर क्राप’ (माइक्रोइरीगेशन) जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति की बैठक का आयोजन:

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जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुआ एकीकृत बागवानी विकास मिशन एवं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना ’पर ड्राप मोर क्राप’ (माइक्रोइरीगेशन) जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति की बैठक का आयोजन:

उन्नाव।

गिरीश त्रिपाठी ,स्वतन्त्र पत्रकार ,प्रमुख संवाददाता, आर पी एस समाचार

जिलाधिकारी रवींद्र कुमार की अध्यक्षता में आज बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय कक्ष में एकीकृत बागवानी विकास मिशन एवं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना ’पर ड्राप मोर क्राप’ (माइक्रोइरीगेशन) जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में सर्वप्रथम जिला उद्यान अधिकारी, सुनील कुमार ने जनपद में संचालित उक्त दोनो योजनाओं के उद्देश्य के बारे में जानकारी दी। जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थिति समिति के सदस्यों, प्रगतिशील कृषकों से वार्ता की और पूछा कि आप लोग कौन-कौन सी फसल करते हैं। जिसमें प्रगतिशील कृषक नामित सदस्य महेश कुमार ने बताया कि मै केला की खेती करता हूँ। जिसकी बिक्री उन्नाव से कानपुर में होती है। जिलाधिकारी महोदय ने प्रगतिशील कृषकों को भरोसा दिलाया कि आपको एकीकृत बागवानी विकास मिशन/प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना एवं प्रधानमंत्री, सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) में किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर सीधे अधिकारियों से और मुझसे समपर्क कर सकते है। जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार ने वर्ष 2020-21 में कराये गये कार्यक्रम तथा वर्ष 2021-22 में लक्ष्यों के बारे में विस्तार से समिति के सदस्यों को जानकारी दी। उन्होने बताया कि एकीकृत बागवानी विकास मिशन में फल विकास हेतु नवीन उद्यान रोपण केला टिश्यू कल्चर-60 हे0, आम रोपण (5×5)मी0-03 हे0, आम रोपण (10×10)मी0-12 हे0, अमरूद रोपण (6×6)मी0-05 हे0, ड्रैगन फ्रूड-05 हे0, तथा द्वितीय वर्ष अनुरक्षण अन्तर्गत केला टिश्यू कल्चर-22.22 हे0, आम रोपण (10ग10)मी0- 25.40 हे0, अमरूद रोपण (6×6)मी0-02 हे0, तृतीय वर्ष अनुरक्षण आम-2.20 हे0, अमरूद-01 हे0 रखरखाव। फूलों की खेती के अन्तर्गत 16 हे0, मसाले की खेती के अन्तर्गत प्याज (रबी) है। मशीनीकरण छोटा टैªक्टर एवं पावर टिलर, ट्रैक्अर माउण्टेट स्प्रेयर कुल 05 लक्ष्य, पैकहाउस-03, लोकास्ट प्रिजर्वेशन युनिट-03, लो-कास्ट प्याज भण्डार गृह-01 तथा संरक्षित खेती (ग्रीन हाउस) के अन्तर्गत 4000 वर्गमी0, वर्मी कम्पोस्ट युनिट-02, एच0डी0पी0ई0 वर्मी बेड-11 तथा जीर्णोद्वार-09 हे0 मौन पालन के अन्तर्गत मौनवंश, मौन गृह-12 कृषकों के यहाँ मौन पालन कार्यक्रम का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। जिसका कुल धनराशि रू0 60.07 लाख व्यय किया जाना प्रस्तावित है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना ’पर ड्राप मोर क्राप’ (माइक्रोइरीगेशन) के अन्तर्गत ड्रिप-342 हे0, माइक्रो स्प्रिंकलर-88 हे0, मिनी स्प्रिंकलर-88 हे0, रेनगन-192 हे0 तथा पोर्टबुल स्प्रिंकलर-487 हे0 है, का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। जिसका कुल धनराशि रू0 531.06 लाख का व्यय किया जाना प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री, सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के क्रियान्वयन हेतु जिलाधिकारी महोदय द्वारा विस्तृत जानकारी मांगी एवं इसको कैसे और लोकप्रिय करें इसके बारे में महत्तवपूण सुझाव भी दिये।
जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि कृषकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने हेतु dbt]uphorticulture.in पर पंजीकरण कृषकों को कराना अनिवार्य है। पंजीकृत कृषकों में से ही प्रथम आवक प्रथम पावक के आधार पर कृषकों का चयन कर उनके अभिलेखों का परीक्षणोपरान्त योजना का लाभ दिया जायेगा। प्रस्तावित दोनो योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु समिति के द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया। जिलाधिकारी महोदय ने कृषकों के चयन में पूर्ण पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिये। कोई भी पात्र कृषक योजना से वंचित न रहने पाये एवं कोई अपात्र व्यक्ति योजना का लाभ न लेने पावे इसका विशेष ध्यान रखा जाये।
बैठक में जिला विकास अधिकारी मनीष कुमार, उपकृषि निदेशक मुकुल तिवारी, जिला प्रबन्धक नाबार्ड, सुश्री रिचा बाजपेई सहित समस्त संबंधित उपस्थित रहे।

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