रोजगार सेवक प्रधानपति भूमाफिया ही नही भ्रष्टाचार मे भी डूबा है आकन्ठ

Listen to this article

रोजगार सेवक प्रधानपति भूमाफिया ही नही भ्रष्टाचार मे भी डूबा है आकन्ठ

19 लाख के गमन की जांच पर जांच दो साल से लटकी पड़ी अभी तक नही हुई कार्यवाही

शातिर जालसाज ने 30 बीघे बंजर की सरकारी जमीन हड़पने के लिये बनाये फर्जी दस्तावेज

सचिव से सांठ गाँठ कर प्रधान के फर्जी हस्ताक्षर बना डकार गया 19 लाख सरकारी धनराशि

शौचालय निर्माण मे 62 लाख रुपए मे की जमकर हेरा फेरी गमन व घोटाला

अधिकारियो कर्मचारियो की दुरभि सन्धि से भ्रष्टाचार मे लिप्त भूमाफिया प्रधान पति 30 बीघे सरकारी भूमि भी हड़पने की जुगत मे

 

रिपोर्ट- धर्मेंद्र कुमार सिंह

सफीपुर उन्नाव
पंचायत मित्र व मंत्री ने मिलकर अनपढ़ प्रधान के हस्ताक्षर चेक पर बनाकर 19 लाख रुपए डकार गए । इसकी भनक और शक जब प्रधान को हुई तो उसने डीएम को शपथपत्र सहित शिकायत की जिसकी जांच डीपीआरओ के माध्यम से सहायक विकास अधिकारी ने की और जांच मे पाया कि जो धनराशि निकाली गई उसके कार्य ही मौके पर नही मिले । वित्तीय वर्ष 2011व2012 से 2014व 2015 तक कुल मिलाकर लगभग 19 लाख रुपए का गमन घोटाला पाया गया आख्या डीपीआरओ को भेजी गई लेकिन जांच दबा दी गई । ग्रामीणो ने पुन: तहसील दिवस मे डीएम से 19 लाख गमन के दोषियो पर कार्यवाही करने की शिकायत की गई जिसे गम्भीरता से लेते हुये डीएम ने जांच जिला उद्द्यान अधिकारी को सौप दी लेकिन दो साल बीत गए अभी तक जांच पूरी नही हो सकी है मामला दफना दिया गया है । ग्रामीणो ने सरकारी धन का गमन घोटाला करने वाले आरोपियो के खिलाफ कार्यवाही किये जाने की मांग की है ।
मामला ब्लाक सफीपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत सकहन राजपूतान का है जहाँ का प्रधान अनपढ़ था जिसकी प्रधानी गांव का ही सुधीर कुमार जो गांव मे ही रोजगार सेवक के पद पर तैनात था और प्रधानी भी चला रहा था। हुआ ये कि वित्तीय वर्ष 2011-12 से 2014-15 तक तात्कालीन सचिव रामशंकर यादव व रोजगार सेवक सुधीर कुमार दोनो मिलकर प्रधान के फर्जी हस्ताक्षर चेको पर बनाकर ग्राम निधि के खातो से धनराशि निकाल कर बिना कोई कार्य कराये डकारते रहे । इसकी भनक जब प्रधान को हुई तो उसने जानकारी की तो उसके होश उड़ गए । उसने शपथ पत्र सहित जिलाधिकारी से फर्जी हस्ताक्षर बनाकर बिना कार्य कराये लाखो रुपए निकाल कर मंत्री रामशंकर व रोजगार सेवक सुधीर कुमार द्वारा गमन किये जाने की शिकायत की थी ।
डीएम ने जिसकी जांच डीपीआरओ को सौपी उन्होने जांच सहायक विकास अधिकारी से कराई जिसमे आरोपो की पुष्टि हुई और लगभग 19 लाख रुपए का गमन घोटाला पाया गया जिसका कोई काम नही पाया गया । जांच आख्या मे लगभग 19 लाख रुपए का गमन घापला की पुष्टि करते हुये सचिव व रोजगार सेवक पर गमन का आरोप मंडित करते हुये जांच आख्या डीपीआरओ को भेज दी गई । लेकिन वहां जांच को दबा दिया गया कोई कार्यवाही नही की गई ।
ग्रामीणो ने पुन जिलाधिकारी से शिकायत की तो उन्होने डीपीआरओ को कार्यवाही करने के आदेश दिये जिसपर डीपीआरओ ने जिला उद्द्यान अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया ।
मजे की बात यह है कि इस जांच के दो साल बीत गए अभी तक जिला उद्द्यान अधिकारी की जांच पूरी नही हो सकी है जांच दबी पड़ी है । तात्कालीन जिला उद्द्यान एवं जांच अधिकारी डाo सुनील कुमार का कहना था कि कई बार अभिलेख मांगे गए किन्तु अभिलेख उप्लब्ध न हो पाने की स्थिति मे जांच नही हो सकी है । उधर नवागत उद्द्यान अधिकारी का कह्ना है कि उनके संज्ञान मे ऐसा कोई मामला नही है । जबकि डीपीआरओ कार्यालय के सम्बन्धित लिपिक का कहना है कि इस सम्बंध की जांच आख्या अभी तक उद्द्यान अधिकारी द्वारा कार्यालय को प्राप्त नही हुई है ।
इस प्रकार जांच पर जांच होते दो साल बीत गए अभी तक सरकारी धन का गमन गोलमाल करने वाले मंत्री व रोजगार सेवक के खिलाफ कोई कार्यवाही नही हुई न ही रिपोर्ट दर्ज हुई और न ही गमन की गई शासकीय धनराशि की रिकवरी ही की गई है । जांच पर जांच जांच पर जांच के मकडजाल मे जांच उलझी दो साल से दबी पड़ी है । जिला पंचायत राज अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद की मेहरवानी इन भ्रश्टारियो पर बनी हुई है ।
ग्रामीण क्षेत्र पंचायत सदस्य कल्लु ,राधेलाल ,राकेश ,ठाकुर प्रसाद शिवाकान्ति आदि ने उक्त भ्रष्टाचारी सचिव व रोजगार सेवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराकर गमन की गई शासकीय धनराशि की रिकवरी कराने की मांग की है ।

  • इनसेट

कितना धन निकाला कितना किया खर्च

सफीपुर । ब्लाक सफीपुर के तात्कालीन सहायक बिकास अधिकारी की स्थलीय और अभिलेखीय जांच मे पाया गया कि खाते से बिकास के नाम पर वित्तीय वर्ष 2011-12 से 2014-15 तक कुल 24 लाख 96 हजार 183 रुपया निकाला गया। जबकि मौके पर मात्र 7 लाख 29 हजार 135 रुपए के कार्य पाये गए इस प्रकार इस निकाली गई धनराशि मे 17 लाख 67 हजार 048 रुपए का गमन पाया गया साथ ही 96500 रुपए की एक चेक जो कि संदीप ट्रेडर्श के नाम से काट कर धन निकाला गया उसकी कोई सामग्री नही खरीदी गई । इस धनराशि का भी गमन पाया गया । इस प्रकार कुल 18 लाख 63 हजार 548 रुपए का गमन सचिव रामशंकर यादव व रोजगार सेवक सुधीर कुमार द्वारा किया जाना पाया गया है ।

इनसेट

भ्रष्टाचारी प्रधान पति पर कार्यवाही न होने से शौचालय निर्माण मे किया फिर लाखो का घोटाला

सफीपुर । भ्रष्टाचार मे आकन्ठ लिप्त ब्लाक सफीपुर क्षेत्र ग्राम पंचायत सकहन राजपुतान के प्रधान पति व रोजगार सेवक सुधीर कुमार ने पीएम की अति महत्वपूर्ण स्वच्छता योजना मे शौचालय निर्माण के लिये प्राप्त 62 लाख रुपए मे जमकर घापला घोटाला व गोल माल गमन किया गया था जिसपर तात्कालीन जिलाधिकारी द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराने और वित्तीय अधिकार सीज करने के साथ सचिव को निलम्बित किया गया था किन्तु इसमे भी ले देकर सेटिंग गेटिग करके बिना किसी जांच पडताल के मामले को दबाने के लिये कागजो पर सब ठीक-ठाक बताकर डीपीआरओ की मिली भगत से आरोप मुक्त कर हरी झण्डी भ्रष्टाचारियो को दे दी गई । जबकि शौचालय आधे अधूरे आज भी पड़े है । शौचालय निर्माण मे लाखो का घोटाला घापला गोलमाल किया गया है ।

इनसेट

भ्रष्टाचार के अलावा 30 बीघे सरकारी भूमि हड़पने वाला भूमाफिया भी है यही

सफीपुर । ग्राम पंचायत सकहन राजपुतान के रोजगार सेवक व प्रधान पति सुधीर कुमार ने ग्राम की करीब 30 बीघे ग्राम समाज की सरकारी बंजर की भूमि को अभिलेखो मे हेराफेरी जालसाजी करके फर्जी अभिलेखो के सहारे अवैध कब्जा किये है ग्रामीणो की शिकायत पर फसल कुर्क की जा चुकि है । हालाकि इसमे भी फसल की एरिया कम दर्शाकर भूमाफिया के खास के सुपुर्द करने की कबायद की जा रही है । चुकि फसल धान की करीब 26 बीघे मे खडी है जिसकी पुष्टि हल्का लेखपाल ने अपनी आख्या मे की है लेकिन बाद मे लेखपाल ने अपनी आख्या मे 18 बीघे मे ही धान की फसल होना बताया है इसमे भी खेल हो रहा है जबकि ग्रामीणो और शिकायत कर्ता सदस्य बीडीसी राधेलाल, शिवाकांती आदि का आरोप है कि धान की फसल पूरे खाते पर करीब 26 बीघे पर खडी है । राजस्व विभाग की मिली भगत इतनी है कि अभी तक इस भूमाफिया के खिलाफ रिपोर्ट तक दर्ज नही कराई गई न ही क्षति पूर्ति निर्धारित कर वसूली गई है ।

विज्ञापन बॉक्स