नगर पंचायत द्वारा क स्बे के परिवर्तित नाम सनेही नगर के विरोध में बंद रही अचलगंज की मार्केट -विरोध में उतरे व्यापारी, डीएम को ज्ञापन देकर बंद किए अपने प्रतिष्ठान उन्नाव। कुछ माह पहले ही आस्तित्व में आई अचलगंज नगर पँचायत को लेकर विवाद छिड गया है। यहां के लोग इसका नाम बदल दिये जाने से बेहद नाराज हैं। उन्होंने बिरोध में बाजार बन्दी करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा। जिसमें इस नगर पंचायत का नाम अचलगंज किये जाने की मांग की है।8 सितम्बर को आज में इस नगर पंचायत का नाम सनेहीनगर किये जाने की खबर प्रकाशित होते ही अचलगंज के ब्यापारी वर्ग में सुबह से ही बिरोध की आवाज सुनाई देने लगी थी। शाम होते होते सभी ब्यापारियों तक यह खबर फैल गई ।स्थानीय व्यापार मंडल के लोगों ने शाम को अचलेश्वर शिवमंदिर में एकत्र होकर जन सभा की और 9 सितम्बर गुरुवार को बाजार बन्दी का ऐलान कर दिया। गुरुवार की सुबह व्यापार मंडल के बैनर तले एकत्र होकर यहाँ के व्यापारी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए इस नगर पंचायत का नाम अचलगंज ही रखे जाने की मांग की ।इनका कहना था कि इस कस्बे का ऐतिहासिक महत्व है ।लगभग 300 वर्ष पहले राजा अचल सिंह ने व्यापारिक वर्ग के लिये यह कहकर इस कस्बे की स्थापना की थी कि यहाँ ठाकुर बिरादरी का कोई व्यक्ति घर बनाकर नहीं रहेगा। तबसे आज तक यह दस्तूर कायम है। जिन लोगों ने इसे कोरी बकवास समझ कर यहाँ घर बनाया भी लेकिन आबाद नहीं हो सके और कुछ समय बाद घर बेंचकर चले गए। जिलाधिकारी को ज्ञापन देने वालों में लोहचा के पूर्व प्रधान एवं प्रधान संघ के अध्यक्ष संजय मिश्रा, जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष जंग बहादुर सिंह, राजू वर्मा ,श्रीकांत वर्मा हरि ओम उर्फ पंकज वर्मा, विमलेश प्रताप सिंह मोनू ,नीरज वर्मा ,बच्चा पांडे उमेश चंद गुप्ता अंबिका प्रसाद बाजपेई रामदास गुप्ता आदि लोग मौजूद रहे।उधर सनेहीनगर के समर्थन में भी आधा दर्जन गांव नगर पंचायत में दो बडे गांव हडहा और अचलगंज के साथ ही इनके आधा दर्जन से ज्यादा मजरों को भी जोडा गया है यह ज्यादातर मजरे हडहा के ही हैं और जनसंख्या के लिहाज से भी भारी पडते हैं आज हडहा में राष्ट्रकवि गयाप्रसाद शुक्ल सनेही के स्मारक परिसर में एक सैकडा लोग उपस्थित होकर शुक्रवार 10 सितम्बर को बाजार बन्दी की घोषणा की है। इन्होंने सरकार से इस नगर पंचायत को सनेहीनगर ही रखे जाने की मांग की है। इस बैठक में राष्ट्रकवि के प्रपौत्र शैलेन्द्र मोहन शुक्ल और रंजीत अवस्थी, शहाबुद्दीन, सोम तिवारी, कल्लू सोनकर, विवेक सिंह आदि प्रमुख रूप से रहे।

नगर पंचायत द्वारा क स्बे के परिवर्तित नाम सनेही नगर के विरोध में बंद रही अचलगंज की मार्केट
-विरोध में उतरे व्यापारी, डीएम को ज्ञापन देकर बंद किए अपने प्रतिष्ठान

नगर पंचायत द्वारा क स्बे के परिवर्तित नाम सनेही नगर के विरोध में बंद रही अचलगंज की मार्केट
-विरोध में उतरे व्यापारी, डीएम को ज्ञापन देकर बंद किए अपने प्रतिष्ठान

उन्नाव। कुछ माह पहले ही आस्तित्व में आई अचलगंज नगर पँचायत को लेकर विवाद छिड गया है। यहां के लोग इसका नाम बदल दिये जाने से बेहद नाराज हैं। उन्होंने बिरोध में बाजार बन्दी करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा। जिसमें इस नगर पंचायत का नाम अचलगंज किये जाने की मांग की है।8 सितम्बर को आज में इस नगर पंचायत का नाम सनेहीनगर किये जाने की खबर प्रकाशित होते ही अचलगंज के ब्यापारी वर्ग में सुबह से ही बिरोध की आवाज सुनाई देने लगी थी। शाम होते होते सभी ब्यापारियों तक यह खबर फैल गई ।स्थानीय व्यापार मंडल के लोगों ने शाम को अचलेश्वर शिवमंदिर में एकत्र होकर जन सभा की और 9 सितम्बर गुरुवार को बाजार बन्दी का ऐलान कर दिया। गुरुवार की सुबह व्यापार मंडल के बैनर तले एकत्र होकर यहाँ के व्यापारी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए इस नगर पंचायत का नाम अचलगंज ही रखे जाने की मांग की ।इनका कहना था कि इस कस्बे का ऐतिहासिक महत्व है ।लगभग 300 वर्ष पहले राजा अचल सिंह ने व्यापारिक वर्ग के लिये यह कहकर इस कस्बे की स्थापना की थी कि यहाँ ठाकुर बिरादरी का कोई व्यक्ति घर बनाकर नहीं रहेगा। तबसे आज तक यह दस्तूर कायम है। जिन लोगों ने इसे कोरी बकवास समझ कर यहाँ घर बनाया भी लेकिन आबाद नहीं हो सके और कुछ समय बाद घर बेंचकर चले गए। जिलाधिकारी को ज्ञापन देने वालों में लोहचा के पूर्व प्रधान एवं प्रधान संघ के अध्यक्ष संजय मिश्रा, जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष जंग बहादुर सिंह, राजू वर्मा ,श्रीकांत वर्मा हरि ओम उर्फ पंकज वर्मा, विमलेश प्रताप सिंह मोनू ,नीरज वर्मा ,बच्चा पांडे उमेश चंद गुप्ता अंबिका प्रसाद बाजपेई रामदास गुप्ता आदि लोग मौजूद रहे।उधर
सनेहीनगर के समर्थन में भी आधा दर्जन गांव नगर पंचायत में दो बडे गांव हडहा और अचलगंज के साथ ही इनके आधा दर्जन से ज्यादा मजरों को भी जोडा गया है यह ज्यादातर मजरे हडहा के ही हैं और जनसंख्या के लिहाज से भी भारी पडते हैं आज हडहा में राष्ट्रकवि गयाप्रसाद शुक्ल सनेही के स्मारक परिसर में एक सैकडा लोग उपस्थित होकर शुक्रवार 10 सितम्बर को बाजार बन्दी की घोषणा की है। इन्होंने सरकार से इस नगर पंचायत को सनेहीनगर ही रखे जाने की मांग की है। इस बैठक में राष्ट्रकवि के प्रपौत्र शैलेन्द्र मोहन शुक्ल और रंजीत अवस्थी, शहाबुद्दीन, सोम तिवारी, कल्लू सोनकर, विवेक सिंह आदि प्रमुख रूप से रहे।

उन्नाव। कुछ माह पहले ही आस्तित्व में आई अचलगंज नगर पँचायत को लेकर विवाद छिड गया है। यहां के लोग इसका नाम बदल दिये जाने से बेहद नाराज हैं। उन्होंने बिरोध में बाजार बन्दी करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा। जिसमें इस नगर पंचायत का नाम अचलगंज किये जाने की मांग की है।8 सितम्बर को आज में इस नगर पंचायत का नाम सनेहीनगर किये जाने की खबर प्रकाशित होते ही अचलगंज के ब्यापारी वर्ग में सुबह से ही बिरोध की आवाज सुनाई देने लगी थी। शाम होते होते सभी ब्यापारियों तक यह खबर फैल गई ।स्थानीय व्यापार मंडल के लोगों ने शाम को अचलेश्वर शिवमंदिर में एकत्र होकर जन सभा की और 9 सितम्बर गुरुवार को बाजार बन्दी का ऐलान कर दिया। गुरुवार की सुबह व्यापार मंडल के बैनर तले एकत्र होकर यहाँ के व्यापारी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए इस नगर पंचायत का नाम अचलगंज ही रखे जाने की मांग की ।इनका कहना था कि इस कस्बे का ऐतिहासिक महत्व है ।लगभग 300 वर्ष पहले राजा अचल सिंह ने व्यापारिक वर्ग के लिये यह कहकर इस कस्बे की स्थापना की थी कि यहाँ ठाकुर बिरादरी का कोई व्यक्ति घर बनाकर नहीं रहेगा। तबसे आज तक यह दस्तूर कायम है। जिन लोगों ने इसे कोरी बकवास समझ कर यहाँ घर बनाया भी लेकिन आबाद नहीं हो सके और कुछ समय बाद घर बेंचकर चले गए। जिलाधिकारी को ज्ञापन देने वालों में लोहचा के पूर्व प्रधान एवं प्रधान संघ के अध्यक्ष संजय मिश्रा, जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष जंग बहादुर सिंह, राजू वर्मा ,श्रीकांत वर्मा हरि ओम उर्फ पंकज वर्मा, विमलेश प्रताप सिंह मोनू ,नीरज वर्मा ,बच्चा पांडे उमेश चंद गुप्ता अंबिका प्रसाद बाजपेई रामदास गुप्ता आदि लोग मौजूद रहे।उधर
सनेहीनगर के समर्थन में भी आधा दर्जन गांव नगर पंचायत में दो बडे गांव हडहा और अचलगंज के साथ ही इनके आधा दर्जन से ज्यादा मजरों को भी जोडा गया है यह ज्यादातर मजरे हडहा के ही हैं और जनसंख्या के लिहाज से भी भारी पडते हैं आज हडहा में राष्ट्रकवि गयाप्रसाद शुक्ल सनेही के स्मारक परिसर में एक सैकडा लोग उपस्थित होकर शुक्रवार 10 सितम्बर को बाजार बन्दी की घोषणा की है। इन्होंने सरकार से इस नगर पंचायत को सनेहीनगर ही रखे जाने की मांग की है। इस बैठक में राष्ट्रकवि के प्रपौत्र शैलेन्द्र मोहन शुक्ल और रंजीत अवस्थी, शहाबुद्दीन, सोम तिवारी, कल्लू सोनकर, विवेक सिंह आदि प्रमुख रूप से रहे।

Live Cricket Live Share Market

जवाब जरूर दे 

आरपीएस समाचार के सन्धर्भ क्या कहना चाहते है

View Results

Loading ... Loading ...

Related Articles

Back to top button
Close
Close